Naag Panchami
...आज नाग पंचमी है. नाग पंचमी के दिन साँपों को दूध पिलाया जाना आम बात है. चूँकि आज ख़ुशी का दिन है लेकिन पर्यावरणविद जरुर खफा हो रहे होंगे. क्योंकि वे नहीं चाहते की इन बेजुबानो पर अत्याचार हो. हालांकि मैं भी साँपों का शौकीन हूँ और उनके बारे मैं पदना और देखना अच्छा लगता है और अक्सर पुस्तक मेलों में साँपों की नयी नयी किताबे खोजता रहता हूँ. पहले मुझे भी इन सपेरो की इन हरकतों से तंग आता था लेकिन इस तथ्य का दूसरा पहलू ये भी है की इन सपेरो के पास कमाई का कोई दूसरा विकल्प भी तो नहीं है. भला वे भी क्यों अपनी जान खतरे में डाल कर सापों को जंगल से पकड़ना पसंद करे.
...पर मुझे इन सब समस्याओ का एक हल नज़र आता है और वो है की इन सपेरों को सापों के बारे में जागरूग बनाया जाए. वे लोग जो वाकई सापों के प्रति समर्पित है. उन्हें इन लोगो के साथ जानकारी शेयर करनी चाहिए. अच्छी किताबे और विडियो से उनमे सही सोच लानी होगी और उन्हें मुख्य धारा से जोड़ना होगा.
इन सब से बेहतर यहीं होगा की कम से कम आम लोगो के बीच सापों को लेकर जो धारणा बनी है उसे बदला जा सकता है.
इन सब से बेहतर यहीं होगा की कम से कम आम लोगो के बीच सापों को लेकर जो धारणा बनी है उसे बदला जा सकता है.
आशा करता हूँ की सभी का ये दिन अच्छा रहा होगा और मेरे प्यारे पर्यावरण प्रेमियों को रूठने के बजाये कुछ नयी पहल के बारे में सोचना चाहिए.
आपका
संजय उच्चारिया
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