Barish ka mousam
... काफी दिनों बाद लौटा हूँ. यहाँ ब्लॉगर पर लिखना मुझे ज्यादा सुकून देता है, भला अपने दिल की बात कहने के लिए इससे अच्छा और क्या हो सकता है.
...जहा मैं रहता हूँ वहा का मौसम काफी ठंडा है. दिनभर नमी बनी रहती है. सुबह से ही मैं Morning Sickness का शिकार हो जाता हूँ, कुछ भी करने की इच्छा नहीं होती. बस सोचता हूँ अपनी रजाई में Hibernate हो जाऊ!
... कल मौसम काफी अच्छा था. धुप खिली हुयी थी. बारिश के बाद का मौसम बहुत रोमांटिक हो जाता है. जी करता है कहीं पिकनिक मनाने चले जाये या कहीं दूर पहाड़ो में, झीलों के किनारे फोटोग्राफी करने चले जाये.
...इन दिनों सोच रहा हूँ क्यों ना बागवानी की जाये. कुछ फूलो वाले रंग-बिरंगे फूल उगाये जाए. जिन पर मंडराती तितलियाँ बड़ी अच्छी लगती है. और चहकते, फुदकते शकरखोरो को देखने मुझे पसंद है. तो कम से कम मैं अपने लिए ना सही इनके लिए तो बागवानी कर सकता हूँ.
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